Mann ki Baat: PM मोदी ने 26/11 को किया याद, देशवासियों से की ये खास अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) आज मन की बात (Mann Ki Baat) की. मन की बात कार्यक्रम का आज 107वां एपिसोड था. हर महीने के आखिरी रविवार को मन की बात कार्यक्रम ब्रॉडकास्ट होता है. इस दौरान पीएम मोदी ने लोगों को संविधान दिवस की शुभकामनाएं भी दीं. nरोजगार की गारंटी है वोकल फॉर लोकल: PM मोदीnप्रधानमंत्री ने मन की बात में कहा, “साथियों, जैसे स्वच्छ भारत अभियान’ की सफलता ही उसकी प्रेरणा बन रही है वैसे ही Vocal For Local की सफलता, विकसित भारत समृद्ध भारत के द्वार खोल रही है. Vocal For Local का ये अभियान पूरे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है. Vocal For Local अभियान रोजगार की गारंटी है. यह विकास की गारंटी है, ये देश के संतुलित विकास की गारंटी है. इससे शहरी और ग्रामीण, दोनों को समान अवसर मिलते हैं. इससे स्थानीय उत्पादों में Value Edition का भी मार्ग बनता है, और अगर कभी, वैश्विक अर्थव्यवस्था में उतार-चढ़ाव आता है, तो Vocal For Local का मंत्र, हमारी अर्थव्यवस्था को संरक्षित भी करता है.”nआज का दिन है खास?nप्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन बेहद खास है. उन्होंने कहा, “मेरे परिवारजनों, 26 नवंबर का आज का ये दिन एक और वजह से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है. 1949 में आज ही के दिन संविधान सभा ने भारत के संविधान को अंगीकार किया था. मुझे याद है, जब साल 2015 में हम बाबा साहेब आंबेडकर की 125वीं जन्म जयन्ती मना रहे थे, उसी समय ये विचार आया था कि 26 नवंबर को ‘संविधान दिवस’ के तौर पर मनाया जाए. और तब से हर साल आज के इस दिन को हम संविधान दिवस के रूप में मनाते आ रहे हैं. मैं सभी देशवासियों को संविधान दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं. हम सब मिलकर नागरिकों के कर्तव्य को प्राथमिकता देते हुए, विकसित भारत के संकल्प को जरुर पूरा करेंगे.”n26/11 के हमले को पीएम मोदी ने किया यादnमन की बात में पीएम मोदी ने कहा, “आज 26 नवंबर को हम कभी भी भूल नहीं सकते हैं. आज के ही दिन देश पर सबसे जघन्य आतंकी हमला हुआ था. आतंकियों ने, मुंबई को, पूरे देश को, थर्रा कर रख दिया था. लेकिन ये भारत का सामर्थ्य है कि हम उस हमले से उबरे और अब पूरे हौसले के साथ आतंक को कुचल भी रहे हैं. मुंबई हमले में अपना जीवन गंवाने वाले सभी लोगों को मैं श्रद्धांजलि देता हूं. इस हमले में हमारे जो जांबांज वीरगति को प्राप्त हुए, देश आज उन्हें याद कर रहा है.”n‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकतंत्र की संकल्प शक्ति का उदाहरण’- पीएम मोदीnहाल ही में मोदी सरकारव ने महि्लाओं को राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण दिया है. इसे लेकर पीएम मोदी ने कहा, “यह भी बहुत प्रेरक है कि संविधान सभा के कुछ सदस्य मनोनीत किए गए थे, जिनमें से 15 महिलाएं थी. ऐसी ही एक सदस्य हंसा मेहता जी ने महिलाओं के अधिकार और न्याय की आवाज बुलंद की थी. उस दौर में भारत उन कुछ देशों में से एक था, जहां महिलाओं को संविधान से Voting का अधिकार दिया. राष्ट्र निर्माण में जब सबका साथ होता है, तभी सबका विकास भी हो पाता है. मुझे संतोष है कि संविधान निर्माताओं के उसी दूरदृष्टि का पालन करते हुए, अब भारत की संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को पास किया है. ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ हमारे लोकतंत्र की संकल्प शक्ति का उदाहरण है. ये विकसित भारत के हमारे संकल्प को गति देने के लिए भी उतना ही सहायक होगा.”nरोजगार की गारंटी है वोकल फॉर लोकल: PM मोदीnप्रधानमंत्री ने मन की बात में कहा, “साथियों, जैसे स्वच्छ भारत अभियान’ की सफलता ही उसकी प्रेरणा बन रही है वैसे ही Vocal For Local की सफलता, विकसित भारत समृद्ध भारत के द्वार खोल रही है. Vocal For Local का ये अभियान पूरे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है. Vocal For Local अभियान रोजगार की गारंटी है. यह विकास की गारंटी है, ये देश के संतुलित विकास की गारंटी है. इससे शहरी और ग्रामीण, दोनों को समान अवसर मिलते हैं. इससे स्थानीय उत्पादों में Value Edition का भी मार्ग बनता है, और अगर कभी, वैश्विक अर्थव्यवस्था में उतार-चढ़ाव आता है, तो Vocal For Local का मंत्र, हमारी अर्थव्यवस्था को संरक्षित भी करता है.”nnSpeaking on a wide range of topics in #MannKiBaat. Do listen! https://t.co/KnDs7iRYoSn— Narendra Modi (@narendramodi) November 26, 2023nnnnविदेशों में हो रहे शादी-विवाह को लेकर पीएम मोदी ने कहा, “साथियों, भारतीय उत्पादों के प्रति यह भावना केवल त्योहारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. अभी शादियों का मौसम भी शुरू हो चुका है. कुछ व्यापारी संगठनों का अनुमान है कि शादियों के इस सीजन में करीब 5 लाख करोड़ रुपए का कारोबार हो सकता है. शादियों से जुड़ी खरीदारी में भी आप सभी भारत में बने उत्पादों को ही महत्व दें. और हां, जब शादी की बात निकली है, तो एक बात मुझे लंबे अरसे से कभी-कभी बहुत पीड़ा देती है और मेरे मन की पीड़ा, मैं, मेरे परिवारजनों को नहीं कहूंगा तो किसको कहूंगा? आप सोचिये, इन दिनों ये जो कुछ परिवारों में विदेशों में जाकर शादी करने का जो एक नया ही वातावरण बनता जा रहा है, क्या, ये जरूरी है? भारत की मिट्टी में, भारत के लोगों के बीच, अगर हम शादी ब्याह मनाएं, तो देश का पैसा, देश में रहेगा. देश के लोगों को आपकी शादी में कुछ-न-कुछ सेवा करने का अवसर मिलेगा, छोटे -छोटे गरीब लोग भी अपने बच्चों को आपकी शादी की बातें बताएंगे. क्या आप vocal for local के इस Mission को विस्तार दे सकते हैं? क्यों न हम शादी ब्याह ऐसे समारोह अपने ही देश में करें? हो सकता है कि जैसी व्यवस्था आपको चाहिए वैसी व्यवस्था आज नहीं होगी लेकिन अगर हम इस प्रकार के आयोजन करेंगे तो व्यवस्थाएं भी विकसित होंगी. ये बहुत बड़े परिवारों से जुड़ा हुआ विषय है.”

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