कैसे काम करेगा CAA, जानें क्या है इसकी प्रक्रिया?

केंद्र सरकार ने सोमवार को देश में नागरिकता संशोधन कानून CAA को लागू कर दिया है. गृह मंत्रालय अमित शाह ने इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. The Central Government has implemented the Citizenship Amendment Act CAA in the country on Monday. Home Ministry Amit Shah has issued its notification.

कैसे काम करेगा CAA, जानें क्या है इसकी प्रक्रिया?

देश भर में 11 मार्च को CAA की अधिसूचना जारी होने के बाद CAA लागू हो गया है, जैसा कि इस कानून में पहले से ही हताया गया था कि मुस्लिम समुदाय को छोड़कर अन्य सभी समुदायों के लोगों को फिर चाहे वो पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से प्रताड़ित ही क्यों न हो, उन्हें भारत में न सिर्फ शरण मिलेगी बल्कि भारत की नागरिकता भी दी जाएगी. लोकसभा चुनाव से पहले सरकार का ये कदम एक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है. 

सरकार ने साफ किया है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) में किसी भी भारतीय की नागरिकता छीनने का कोई प्रावधान नहीं है. यानी किसी की नागरिकता पर कोई संकट नहीं है. गृह मंत्री ने भी स्पष्ट रूप से कहा है कि CAA किसी की नागरिकता छीनने का कानून नहीं है. 

किन्हें दी जाएगी नागरिकता?  

सबसे पहले तो ऐसे शरणार्थियों को नागरिकता दी जाएगी जो जो 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में आकर बस गए है. सरकार ने CAA से संबंधित एक वेब पोर्टल तैयार किया है. तीन मुस्लिम बहुल पड़ोसी मुल्कों से आने वाले वहां के अल्पसंख्यकों को इस पोर्टल पर रजिस्टर के साथ उन्हें अपना वीजा, इमिग्रेशन स्टैम्प समेत अन्य जानकारियां देनी होंगी और सरकारी जांच पड़ताल के बाद ही उन्हें कानून के तहत नागरिकता दी जाएगी    

कैसी होगी आवेदन प्रक्रिया?  

जो आवेदन किया गया है वो आवेदन सबसे पहले आवेदन जिला कमेटी के पास जाएगा, फिर वो एंपावर्ड कमेटी को भेजा जाएगा, अधिकार प्राप्त कमेटी नागरिकता पर फैसला लेगी. इस कमेटी में आईबी, फॉरेन, रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस, पोस्ट ऑफिस और राज्य सूचना अधिकारी शामिल होंगे, जो जरूरी पूछताछ भी कर सकते हैं. 

भारत की नागरिकता हासिल करने के लिए ऑनलाइन फॉर्म में शेड्यूल- 1A के तहत 9 तरह के दस्तावेज मांगे गए हैं, जबकि शेड्यूल-1B के तहत 20 तरह के दस्तावेज और शेड्यूल- 1C के तहत शपथ पत्र यानी एफिडेविट देने का साथ ये भी बताना होगा कि वे किस देश के निवासी थे और उनके गैर मुस्लिम होने का प्रमाण भी देना होगा. 

इसके लिए पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, जमीन से जुड़े दस्तावेज दिखाने होंगे और भारत सरकार के डॉक्यूमेंट्स जैसे आधार, ड्राइविंग लाइसेंस दिखाना अनिवार्य होगा. अगर शादी-शुदा है तो उसका प्रमाण भी देना होगा, जिसके साथ ही बच्चों के लिए अलग से फॉर्म दिया जाएगा. भारत की नागरिकता के लिए आवेदक का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना ताहिए, नहीं तो फॉर्म कैंसिल किया जा सकता है. 

जरूरी है आवेदक का क्लीन चिट होना

सारी जांच प्रक्रिया खत्म होने के बाद अगर आवेदक क्लीन चिट पाया जाएगा तो नामित अधिकारी आवेदक को निष्ठा की शपथ दिलाकर हस्ताक्षर करेगा और उसे इलेक्ट्रॉनिक रूप में सशक्त समिति को दस्तावेजों के सत्यापन के संबंध में पुष्टि के साथ आगे फॉर्वर्ड करेगा. कुल मिलाकर भारी जांच पड़ताल के बाद उन्हें नागरिकता दी जाएगी या फिर किसी भी प्रकार के संतोषजनक जानकारी न मिलने पर कैंसिल भी किया जाएगा.